Wednesday, December 1, 2021

ज्ञान क्या है

 🌷 परम् सत्य की खोज के मार्ग अनेक हैं लेकिन सभीं मार्ग जहाँ पहुँच कर एक हो जाते हैं , उस अद्वैत्य संगम का नाम है ज्ञान । 

🌷देह - देही का बोध , प्रकृति - पुरुष का बोध और क्षेत्र - क्षेत्रज्ञ का बोध , ज्ञान है

🌷 वेद , उपनिषद् , गीता , पुराण , सांख्य , पतंजलि योग दर्शन तथा अन्य दर्शनों से सम्बंधित श्रुति - स्मृति शास्त्रों से जो ज्ञान मिलता है , वह परोक्ष ( उधार ) ज्ञान होता है । यह ज्ञान प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्ति का केवल साधन मात्र हैं ।

🌷 परोक्ष ( उधार ) ज्ञान की सीमा जहाँ समाप्त होती सी भाषने लगती है वहां से आगे प्रत्यक्ष

 (सत्य ) ज्ञान का अपरिमेय आयाम प्रारम्भ होता है।

🌷 परोक्ष ज्ञान मन - बुद्धि  - अहँकार की सीमा में सिमित ज्ञान है और इस सिमित ज्ञान के माध्यम से जब चित्त निर्विकार , निरहंकार और पारिजात मणि जैसा पारदर्शी पूर्ण रिक्त हो जाता है तब इसमें प्रत्यक्ष परम् सत्य ज्ञान की लहर उठने लगती है और वह योगी ब्रह्मवित् विदेह हो गया होता है ।

~~ॐ ~~

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